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periodisation-of-indian-history विषय पर 20 फ्री MCQ प्रश्नों का अभ्यास करें, ancient-history को कवर करते हुए। अंग्रेज़ी और हिंदी में विस्तृत व्याख्या के साथ, UPSC, SSC और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए उपयुक्त।
पहले ऊपर दी गई क्विज़ हल करें, फिर नीचे हर प्रश्न का सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या देखें।
Q1.भारतीय प्रागैतिहास का जनक किसे माना जाता है और उनका पेशा क्या था?
व्याख्या: भारत में पाषाण युग के अनुसंधान की शुरुआत का श्रेय रॉबर्ट ब्रूस फुट को दिया जाता है। 1863 में, उन्होंने भारत में पहले पुरापाषाण उपकरण की खोज की थी।
Q2.किस शब्दावली प्रणाली ने मानव इतिहास को पाषाण, कांस्य और लौह युग में विभाजित किया?
व्याख्या: मानव इतिहास का पाषाण, कांस्य और लौह युग में त्रिस्तरीय वर्गीकरण डेनिश पुरातत्वविद् क्रिश्चियन जुर्गेन्सेन थॉमसन द्वारा विकसित किया गया था।
Q3.'चॉपर-चॉपिंग' पेबल उपकरण सबसे पहले किस नदी घाटी से प्राप्त हुए थे?
व्याख्या: सोहन नदी घाटी प्रारंभिक पाषाण परंपरा का प्रमुख स्थल है जिसे चॉपर-चॉपिंग उद्योग के रूप में जाना जाता है।
Q4.भारत में पहले हस्त-कुल्हाड़ी (hand-axe) उपकरण कहाँ खोजे गए थे?
व्याख्या: भारत के दक्षिणी क्षेत्र, विशेष रूप से मद्रास के पास (वदामदुरै और अतिरम्पक्कम) से पहले हस्त-कुल्हाड़ी उपकरण प्राप्त हुए थे।
Q5.बेलन घाटी में पुरातात्विक अनुसंधान का निर्देशन किसने किया?
व्याख्या: बेलन घाटी अनुसंधान इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जी.आर. शर्मा के निर्देशन में किया गया एक प्रमुख प्रोजेक्ट था।
Q6.लोहंदा नाला क्षेत्र से कौन सी अनूठी जैविक कलाकृति प्राप्त हुई थी?
व्याख्या: बेलन घाटी के लोहंदा नाला क्षेत्र से हड्डी से बनी मातृदेवी की मूर्ति की खोज असाधारण है।
Q7.निम्न पुरापाषाण काल के तीन मुख्य उपकरण कौन से हैं?
व्याख्या: निम्न पुरापाषाण काल को भारी कोर उपकरणों द्वारा परिभाषित किया गया है: हैंडएक्स, क्लीवर और चॉपर।
Q8.मध्य पुरापाषाण काल के उपकरण समूह को क्या परिभाषित करता है?
व्याख्या: मध्य पुरापाषाण काल में शल्क उपकरणों (flake tools) जैसे पॉइंट्स, बोरर्स और स्क्रेपर्स की ओर बदलाव देखा गया।
Q9.उच्च पुरापाषाण काल की विशेषता किस प्रकार का उपकरण है?
व्याख्या: उच्च पुरापाषाण काल पुराने पाषाण युग के अंतिम चरण का प्रतिनिधित्व करता है, जिसकी विशेषता ब्यूरिन (तक्षणी) का दिखना है।
Q10.भारत में मनुष्य (होमिनिड उपस्थिति) का सबसे प्रारंभिक प्रमाण कहाँ मिला था?
व्याख्या: भारत में प्रारंभिक मानव जीवाश्मों की खोज मध्य प्रदेश के पश्चिमी नर्मदा क्षेत्र (हथनौरा) में पूरी हुई।
Q11.पुरापाषाण काल के लोगों की मुख्य जीवन निर्वाह रणनीतियाँ क्या थीं?
व्याख्या: पुरालेखीय पाठ इस बात पर जोर देता है कि पुरापाषाण काल का जीवन 'पूरी तरह से प्राकृतिक' था और 'मुख्य रूप से शिकार पर निर्भर' था। भोजन का कोई उत्पादन नहीं होता था।
Q12.क्या पुरापाषाण काल के लोग आग से परिचित थे?
व्याख्या: पाठ में उल्लिखित एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक संकेत यह है कि पुरापाषाण काल के लोग 'आग से अपरिचित थे, इसलिए वे कच्चा मांस खाते थे'।
Q13.भारत में पाषाण युग की सभ्यता पर अनुसंधान औपचारिक रूप से कब शुरू हुआ?
व्याख्या: वर्ष 1863 को भारत में पाषाण युग के अनुसंधान की शुरुआत के रूप में उद्धृत किया गया है, जो रॉबर्ट ब्रूस फुट की शुरुआती खोजों के साथ मेल खाता है।
Q14.विंध्य क्षेत्र में मध्यपाषाणकालीन शैल चित्रों की खोज किसने की?
व्याख्या: हमें मध्यपाषाण काल के बारे में तब पता चला जब सी.एल. कार्लाइल ने 1867-68 में विंध्य क्षेत्र में शैल चित्रों (Rock Paintings) की खोज की।
Q15.पशुओं को पालतू बनाने की शुरुआत किस काल में हुई?
व्याख्या: खुदाई के सबूतों के अनुसार, जानवरों को पालतू बनाने की शुरुआत मध्यपाषाण काल में हुई, जो देहाती अर्थव्यवस्था की ओर पहला कदम था।
Q16.भारत में पशुपालन के सबसे पुराने प्रमाण किन स्थलों से मिले हैं?
व्याख्या: पाठ में होशंगाबाद जिले (मध्य प्रदेश) के आदमगढ़ और भीलवाड़ा जिले (राजस्थान) के बागोर को सबसे शुरुआती प्रमाण देने वाले स्थानों के रूप में पहचाना गया है।
Q17.मध्यपाषाणकालीन स्थल महादहा कहाँ स्थित है?
व्याख्या: गंगा के मैदान में महत्वपूर्ण मध्यपाषाण स्थल हैं। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में स्थित महादहा उनमें से प्रमुख है।
Q18.महादहा में मिले उपकरण किन विशिष्ट सामग्रियों से बने थे?
व्याख्या: महादहा से हड्डियों और सींगों से बने बड़ी संख्या में उपकरण मिले हैं। यह पत्थर के संसाधनों की कमी का सुझाव देता है।
Q19.सराय नाहर राय और महादहा के हड्डी के आभूषणों का विवरण किस पुस्तक में मिलता है?
व्याख्या: पाठ में डॉ. जय नारायण पांडेय द्वारा लिखित 'पुरातत्व विमर्श' को एक विद्वतापूर्ण स्रोत के रूप में संदर्भित किया गया है जो नुकीली वस्तुओं और आभूषणों का वर्णन करता है।
Q20.दमदमा स्थल पर कितनी मानव कब्रें खोजी गईं?
व्याख्या: प्रतापगढ़ जिले के एक अन्य स्थल दमदमा से 41 मानव कब्रें मिली हैं। दफनाने की यह उच्च संख्या एक अपेक्षाकृत स्थिर बस्ती का संकेत देती है।
इस विषय का अभ्यास और फ्री MCQ अभ्यास परीक्षणों के साथ जारी रखें।