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vedic-age विषय पर 20 फ्री MCQ प्रश्नों का अभ्यास करें, ancient-history को कवर करते हुए। अंग्रेज़ी और हिंदी में विस्तृत व्याख्या के साथ, UPSC, SSC और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए उपयुक्त।
पहले ऊपर दी गई क्विज़ हल करें, फिर नीचे हर प्रश्न का सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या देखें।
Q1.उपनिषदों का मुख्य विषय क्या है?
व्याख्या: उपनिषद वेदों के दार्शनिक सार का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो आत्मन (आत्मा) और ब्रह्म (परम वास्तविकता) की प्रकृति पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
Q2.'मोक्ष' शब्द की चर्चा सबसे पहले किस साहित्य में की गई थी?
व्याख्या: मुक्ति या मोक्ष की अवधारणा पर पहली बार स्पष्ट रूप से उपनिषदों में चर्चा की गई थी।
Q3.नचिकेता और यम के बीच प्रसिद्ध संवाद कहाँ पाया जाता है?
व्याख्या: मृत्यु के रहस्य के संबंध में यम (मृत्यु के देवता) और बालक नचिकेता के बीच का संवाद कठोपनिषद का विषय है।
Q4.'सत्यमेव जयते' वाक्यांश किस उपनिषद से लिया गया है?
व्याख्या: 'सत्यमेव जयते' (सत्य की ही जीत होती है) मुंडकोपनिषद से लिया गया है।
Q5.'तमसो मा ज्योतिर्गमय' वाक्यांश मूल रूप से किसमें उल्लिखित है?
व्याख्या: 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' (हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो) वृहदारण्यक उपनिषद में पाई जाने वाली एक प्रार्थना है।
Q6.पुराणों की कुल संख्या कितनी है?
व्याख्या: कुल 18 महापुराण हैं।
Q7.किस ग्रंथ को 'शतसाहस्री-संहिता' के नाम से जाना जाता है?
व्याख्या: महाभारत, जिसमें 1,00,000 (एक लाख) श्लोक हैं, को शतसाहस्री-संहिता भी कहा जाता है।
Q8.महाभारत का मूल नाम क्या था?
व्याख्या: महाभारत का मूल नाम 'जय' या 'जयसंहिता' था जब इसमें केवल 8,800 श्लोक थे।
Q9.सत्यकाम जाबाल की कथा, जो एक अविवाहित मां के कलंक को चुनौती देती है, किसमें पाई जाती है?
व्याख्या: सत्यकाम जाबाल की कहानी सबसे पहले छांदोग्य उपनिषद के चौथे अध्याय में दिखाई देती है।
Q10.'श्वेताश्वतर' उपनिषद का शाब्दिक अर्थ क्या है?
व्याख्या: श्वेताश्वतर का शाब्दिक अर्थ है 'सफेद घोड़े पर ले जाया गया' या 'सफेद घोड़े का मालिक'।
Q11.निम्नलिखित में से कौन मानव जीवन के चार चरणों (आश्रमों) के सही क्रम का वर्णन करता है?
व्याख्या: चार क्रमिक चरण हैं: ब्रह्मचर्य (छात्र), गृहस्थ (गृहस्थ), वानप्रस्थ (वानप्रस्थी), और संन्यास (त्यागी)।
Q12.'ऋत' (सार्वभौमिक प्राकृतिक व्यवस्था) की अवधारणा किस वैदिक देवता से जुड़ी है?
व्याख्या: भगवान वरुण को 'ऋत' (प्राकृतिक और नैतिक व्यवस्था) को बनाए रखने वाला माना जाता था और उन्हें 'ऋतस्यगोपा' कहा जाता था।
Q13.कर्म का सिद्धांत विशेष रूप से किस दर्शन संप्रदाय से संबंधित है?
व्याख्या: कर्म (क्रिया और अनुष्ठान) का सिद्धांत पूर्व मीमांसा दर्शन का केंद्र है।
Q14.'अद्वैत' दर्शन के संस्थापक कौन थे?
व्याख्या: आदि शंकराचार्य (8वीं शताब्दी) अद्वैत वेदांत (अद्वैतवाद) के प्रमुख प्रतिपादक थे।
Q15.दर्शन की 'न्याय' प्रणाली का प्रतिपादन किसके द्वारा किया गया था?
व्याख्या: न्याय दर्शन (तार्किक यथार्थवाद) का प्रतिपादन महर्षि गौतम (अक्षपाद) ने किया था।
Q16.'सांख्य' दर्शन संप्रदाय के संस्थापक के रूप में किसे जाना जाता है?
व्याख्या: महर्षि कपिल को भारतीय दर्शन के सबसे पुराने संप्रदाय, सांख्य दर्शन के संस्थापक के रूप में जाना जाता है।
Q17.'योग' दर्शन प्रणाली की स्थापना किसके द्वारा की गई थी?
व्याख्या: महर्षि पतंजलि योग दर्शन के व्यवस्थापक और संस्थापक हैं।
Q18.'भारतीय परमाणुवाद' (वैशेषिक संप्रदाय) के संस्थापक के रूप में किसे जाना जाता है?
व्याख्या: महर्षि कणाद ने वैशेषिक संप्रदाय की स्थापना की और पदार्थ के परमाणु सिद्धांत का प्रतिपादन किया।
Q19.कौन सा दर्शन संप्रदाय केवल 'प्रत्यक्ष' (perception) को ही ज्ञान का स्रोत मानता है?
व्याख्या: चार्वाक संप्रदाय (लोकायत/भौतिकवाद) केवल प्रत्यक्ष (Pratyaksha) को ही मान्य प्रमाण मानता है।
Q20.वेदांत दर्शन के तीन आधार ('प्रस्थानत्रयी') क्या हैं?
व्याख्या: उपनिषद (श्रुति), ब्रह्मसूत्र (न्याय) और भगवद गीता (स्मृति) को सामूहिक रूप से प्रस्थानत्रयी कहा जाता है।
इस विषय का अभ्यास और फ्री MCQ अभ्यास परीक्षणों के साथ जारी रखें।