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figures-of-speech-alankar विषय पर 20 फ्री MCQ प्रश्नों का अभ्यास करें, hindi को कवर करते हुए। अंग्रेज़ी और हिंदी में विस्तृत व्याख्या के साथ, UPSC, SSC और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए उपयुक्त।
पहले ऊपर दी गई क्विज़ हल करें, फिर नीचे हर प्रश्न का सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या देखें।
Q1.किसी पंक्ति में एक ही वर्ण या ध्वनि की आवृत्ति कौन सा अलंकार है?
व्याख्या: वर्णों की आवृत्ति से अनुप्रास होता है।
Q2.जब एक ही शब्द बार-बार भिन्न अर्थों में आता है तो अलंकार होता है:
व्याख्या: भिन्न अर्थ में शब्द की आवृत्ति यमक है।
Q3.अलंकार पहचानिए: "उसका मुख कमल के समान सुंदर है।"
व्याख्या: "के समान" से तुलना उपमा अलंकार है।
Q4.अलंकार पहचानिए: "मुख-चंद्र देखते ही मन खिल उठा।"
व्याख्या: मुख को चंद्र ही कहना रूपक है।
Q5.अलंकार पहचानिए: "मुख मानो चंद्रमा हो।"
व्याख्या: "मानो" से संभावना उत्प्रेक्षा है।
Q6.जब किसी बात को लोक-सीमा से बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहा जाए तो अलंकार होता है:
व्याख्या: बढ़ा-चढ़ाकर कहना अतिशयोक्ति है।
Q7.जब एक ही शब्द एक बार प्रयुक्त होकर एक साथ दो या अधिक अर्थ दे तो अलंकार होता है:
व्याख्या: एक शब्द के कई अर्थ श्लेष है।
Q8.इनमें अर्थालंकार कौन सा है?
व्याख्या: उपमा अर्थालंकार है।
Q9.अलंकार पहचानिए: "कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय।"
व्याख्या: कनक की आवृत्ति भिन्न अर्थों में यमक है।
Q10.अलंकार पहचानिए: "रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।"
व्याख्या: "पानी" के कई अर्थों से श्लेष है।
Q11.अलंकार पहचानिए: "फूल हंसे, कलियां मुस्कुराईं।"
व्याख्या: प्रकृति में मानवीय क्रियाओं का आरोप मानवीकरण है।
Q12.अलंकार पहचानिए: "तरनि-तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए।"
व्याख्या: "त" की आवृत्ति से अनुप्रास है।
Q13.अलंकार पहचानिए: "धीरे-धीरे चलो।"
व्याख्या: समान अर्थ में दोहराव पुनरुक्ति प्रकाश है।
Q14.अलंकार पहचानिए: "चरण कमल बंदौं हरि राई।"
व्याख्या: चरण को कमल कहना रूपक है।
Q15.उपमा अलंकार में सामान्यतः कौन से शब्द वाचक रूप में आते हैं?
व्याख्या: सा, सी, जैसे उपमा के वाचक हैं।
Q16.अलंकारों के मुख्य भेद कितने माने जाते हैं?
व्याख्या: शब्दालंकार और अर्थालंकार मुख्य भेद हैं।
Q17.अलंकार पहचानिए: "या अनुरागी चित्त की गति समुझै नहिं कोय। ज्यों-ज्यों बूड़े स्याम रंग, त्यों-त्यों उज्ज्वल होय।"
व्याख्या: ऊपर से विरोध दिखने से विरोधाभास है।
Q18.अलंकार पहचानिए: "हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग, लंका सिगरी जल गई, गए निशाचर भाग।"
व्याख्या: अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर कथन अतिशयोक्ति है।
Q19.अलंकार पहचानिए: "सोहत ओढ़े पीत पट, स्याम सलोने गात। मनहुं नीलमणि सैल पर आतप परयो प्रभात॥"
व्याख्या: "मनहुं" से संभावना उत्प्रेक्षा है।
Q20.उपमा अलंकार के कितने अंग होते हैं?
व्याख्या: उपमा के चार अंग हैं।