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socio-religious-reform-movements विषय पर 20 फ्री MCQ प्रश्नों का अभ्यास करें, modern-indian-history को कवर करते हुए। अंग्रेज़ी और हिंदी में विस्तृत व्याख्या के साथ, UPSC, SSC और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए उपयुक्त।
पहले ऊपर दी गई क्विज़ हल करें, फिर नीचे हर प्रश्न का सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या देखें।
Q1.आर्य समाज के संस्थापक कौन थे?
व्याख्या: मूलशंकर या दयानंद सरस्वती ने 1875 में 'आर्य समाज' की स्थापना की।
Q2.1875 में आर्य समाज की स्थापना कहाँ हुई थी?
व्याख्या: 1875 में, दयानंद सरस्वती ने बॉम्बे में 'आर्य समाज' की स्थापना की। 1877 में, इसका मुख्यालय लाहौर स्थानांतरित कर दिया गया था।
Q3."वेदों की ओर लौटो" का नारा किसने दिया?
व्याख्या: दयानंद का "वेदों की ओर लौटो" का नारा वैदिक शिक्षा और धर्म की पवित्रता के पुनरुद्धार का आह्वान था।
Q4.किसे "भारत का मार्टिन लूथर किंग" कहा जाता है?
व्याख्या: धार्मिक सुधारों में उनके प्रयासों के लिए स्वामी दयानंद सरस्वती को "भारत का मार्टिन लूथर किंग" भी कहा जाता है।
Q5.प्रसिद्ध पुस्तक 'सत्यार्थ प्रकाश' किसके द्वारा लिखी गई थी?
व्याख्या: स्वामी दयानंद सरस्वती के विचार उनकी प्रसिद्ध पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में अंकित हैं।
Q6.1867 में 'प्रार्थना समाज' की स्थापना किसने की थी?
व्याख्या: आचार्य केशव चंद्र सेन से प्रेरित होकर आत्माराम पांडुरंग ने 1867 में प्रार्थना समाज की स्थापना की। महादेव गोविंद रानाडे 1869 में इस संगठन में शामिल हुए।
Q7."पश्चिमी भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अग्रदूत" किसे कहा जाता है?
व्याख्या: महादेव गोविंद रानाडे को "पश्चिमी भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अग्रदूत" भी कहा जाता है। वे 1869 में प्रार्थना समाज में शामिल हुए थे।
Q8.1873 में 'सत्य शोधक समाज' की स्थापना किसने की थी?
व्याख्या: ज्योतिबा फुले ने 1873 में सत्य शोधक समाज की स्थापना की। उनका जन्म 1827 में एक माली परिवार में हुआ था।
Q9.1872 में ज्योतिबा फुले द्वारा कौन सी प्रसिद्ध पुस्तक लिखी गई थी?
व्याख्या: अपनी पुस्तक गुलामगिरी (1872) और अपने समाज के साथ, ज्योतिबा फुले ने ब्राह्मणों के अवसरवादी वेदों की आलोचना की और निचली जातियों के संरक्षण का आह्वान किया।
Q10.1887 में लाहौर में 'देव समाज' की स्थापना किसने की?
व्याख्या: शिव नारायण अग्निहोत्री ने 1887 में लाहौर में 'देव समाज' की स्थापना की। इस समाज के उपदेश देव शास्त्र नामक पुस्तक में वर्णित हैं।
Q11.रूढ़िवादी तत्वों का समर्थन करने के लिए 1830 में 'धर्म सभा' की स्थापना किसने की?
व्याख्या: राधाकांत देव ने सामाजिक-धार्मिक सुधारों का विरोध किया और 1830 में बंगाल में धर्म सभा की स्थापना करके रूढ़िवादी तत्वों का समर्थन किया।
Q12.1861 में 'राधास्वामी सत्संग' आंदोलन की स्थापना किसने की?
व्याख्या: राधास्वामी सत्संग आंदोलन की स्थापना 1861 में आगरा के एक बैंकर तुलसी राम ने की थी, जिन्हें शिवदयाल साहब या स्वामीजी महाराज के नाम से भी जाना जाता था।
Q13.महाराष्ट्र के कौन से समाज सुधारक 'लोकहितवादी' के रूप में प्रसिद्ध थे?
व्याख्या: महाराष्ट्र के समाज सुधारक गोपाल हरि देशमुख (1823-92) लोकहितवादी के रूप में प्रसिद्ध थे।
Q14.महाराष्ट्र में प्रथम विधवा पुनर्विवाह आंदोलन का नेतृत्व किसने किया और 1850 में विधवा पुनर्विवाह संघ की स्थापना की?
व्याख्या: विष्णु परशुराम पंडित ने महाराष्ट्र में पहले विधवा पुनर्विवाह आंदोलन का नेतृत्व किया। 1850 में, उन्होंने विधवा पुनर्विवाह संघ की स्थापना की।
Q15.'सम्मति आयु अधिनियम, 1891' मुख्य रूप से किसके प्रयासों के कारण पारित किया गया था?
व्याख्या: बड़ौदा में जन्मे पारसी समाज सुधारक बहरामजी एम. मालाबारी ने ऐसे प्रयास किए जिनके माध्यम से सम्मति आयु अधिनियम, 1891 पारित किया गया।
Q16.1887 में 'इंडियन नेशनल सोशल कॉन्फ्रेंस' की स्थापना किसने की?
व्याख्या: एम.जी. रानाडे और रघुनाथ राव ने 1887 में इंडियन नेशनल सोशल कॉन्फ्रेंस की स्थापना की। इसका उद्देश्य बहुविवाह, बाल विवाह और पितृसत्ता जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करना था।
Q17.1856 में 'विधवा पुनर्विवाह अधिनियम' किसके प्रयासों से पारित हुआ था?
व्याख्या: संस्कृत कॉलेज के प्रधानाचार्य ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने विधवा पुनर्विवाह के लिए बहुत संघर्ष किया। उनके प्रयासों से 26 जुलाई, 1856 को विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित किया गया।
Q18.किस गवर्नर-जनरल ने विनियमन XVII द्वारा सती प्रथा को समाप्त किया?
व्याख्या: लॉर्ड विलियम बेंटिक द्वारा सती उन्मूलन विनियमन 1829 ने सती प्रथा को समाप्त कर दिया। राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा का कड़ा विरोध किया था।
Q19.भारत में गुलामी (दास प्रथा) को किस वर्ष पारित एक अधिनियम द्वारा अवैध बना दिया गया?
व्याख्या: लॉर्ड एलेनबरो द्वारा पारित एक अधिनियम द्वारा 1843 में गुलामी अवैध हो गई।
Q20.1872 का 'मूल निवासी विवाह अधिनियम' (नेटिव मैरिज एक्ट) किसके प्रयासों से पारित किया गया था?
व्याख्या: केशव चंद्र सेन ने 1872 में नेटिव मैरिज एक्ट (जिसे ब्रह्म विवाह अधिनियम भी कहा जाता है) को पारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस विषय का अभ्यास और फ्री MCQ अभ्यास परीक्षणों के साथ जारी रखें।