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post-gupta-period विषय पर 20 फ्री MCQ प्रश्नों का अभ्यास करें, ancient-history को कवर करते हुए। अंग्रेज़ी और हिंदी में विस्तृत व्याख्या के साथ, UPSC, SSC और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए उपयुक्त।
पहले ऊपर दी गई क्विज़ हल करें, फिर नीचे हर प्रश्न का सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या देखें।
Q1.गुप्त वंश ने किस अवधि के दौरान शासन किया?
व्याख्या: गुप्त वंश ने 275-550 ई. के दौरान शासन किया। इस वंश की स्थापना श्रीगुप्त ने की थी, लेकिन गुप्त वंश का पहला शक्तिशाली शासक चंद्रगुप्त प्रथम (319-335 ई.) था। विकल्प (a) सबसे सटीक उत्तर है।
Q2.निम्नलिखित में से किस शासक ने चार अश्वमेध यज्ञ किए थे?
व्याख्या: वाकाटक नरेश प्रवरसेन-प्रथम ने चार अश्वमेध यज्ञ किए थे। उन्होंने कई वैदिक अनुष्ठान भी किए थे।
Q3.भारत का नेपोलियन किसे कहा जाता है?
व्याख्या: इतिहासकार वी.ए. स्मिथ ने अपनी रचना 'अर्ली हिस्ट्री ऑफ इंडिया' में गुप्त वंश के समुद्रगुप्त (335-375 ई.) को उनकी महान सैन्य विजयों के लिए 'भारत का नेपोलियन' कहा है।
Q4.निम्नलिखित में से किस गुप्त राजा का एक अन्य नाम देवगुप्त था?
व्याख्या: गुप्त शासक चंद्रगुप्त-द्वितीय 'विक्रमादित्य' का एक अन्य नाम देवगुप्त मिलता है। इसका प्रमाण साँची और वाकाटक अभिलेखों से प्राप्त हुआ है।
Q5.'परम भागवत' की उपाधि धारण करने वाला प्रथम गुप्त शासक कौन था?
व्याख्या: नालंदा और गया के ताम्रपत्र अभिलेखों में समुद्रगुप्त को 'परम भागवत' की उपाधि से वर्णित किया गया है। (नोट: कुछ स्रोत चंद्रगुप्त द्वितीय को इसका उत्तर मानते हैं)।
Q6.इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
व्याख्या: इलाहाबाद का अशोक स्तंभ शिलालेख समुद्रगुप्त से जुड़ा है। इसमें हरिषेण द्वारा लिखित 'प्रयाग प्रशस्ति' अंकित है।
Q7.प्रयाग प्रशस्ति किसके सैन्य अभियान के बारे में बताती है?
व्याख्या: प्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख) समुद्रगुप्त के शासनकाल की राजनीतिक और सैन्य उपलब्धियों को सूचीबद्ध करती है।
Q8.समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति वाले स्तंभ पर निम्नलिखित में से किसका शिलालेख पाया जाता है?
व्याख्या: इलाहाबाद स्तंभ पर अशोक, समुद्रगुप्त और जहाँगीर का एक फारसी शिलालेख अंकित है।
Q9.निम्नलिखित में से कौन सा शिलालेख रेशम बुनकर श्रेणी (गिल्ड) के बारे में जानकारी देता है?
व्याख्या: दशपुर (मंदसौर) शिलालेख में रेशम बुनकरों की एक श्रेणी का उल्लेख है जिसने कुमारगुप्त प्रथम के शासनकाल के दौरान एक सूर्य मंदिर का निर्माण कराया था।
Q10.'पृथिव्याः प्रथम वीर' किसकी उपाधि थी?
व्याख्या: समुद्रगुप्त ने अश्वमेध यज्ञ करने के बाद 'पृथिव्याम प्रतिरथ' (पृथ्वी पर प्रथम वीर) की उपाधि धारण की थी।
Q11.गुप्त साम्राज्य के पतन के विभिन्न कारण थे। नीचे दिए गए कथनों में से कौन सा कारण नहीं था?
व्याख्या: गुप्त साम्राज्य का पतन अरब आक्रमण के कारण नहीं हुआ था। अरबों ने भारत पर आक्रमण बहुत बाद में किया था।
Q12.'शकारि' (शक-विजेता) के रूप में किसे जाना जाता है?
व्याख्या: चंद्रगुप्त-द्वितीय 'विक्रमादित्य' को 'शक विजेता' (शकारि) के रूप में जाना जाता था क्योंकि उन्होंने अंतिम शक राजा रुद्रसिंह-तृतीय को हराया था।
Q13.चांदी के सिक्के जारी करने वाला पहला गुप्त शासक कौन था?
व्याख्या: चंद्रगुप्त द्वितीय ने शकों पर अपनी जीत के उपलक्ष्य में चांदी के सिक्के (रूपक) जारी किए।
Q14.तीसरी शताब्दी ईस्वी से जब हूण आक्रमण ने रोमन साम्राज्य को समाप्त कर दिया, तो भारतीय व्यापारी किस पर अधिक निर्भर हो गए?
व्याख्या: जब हूण आक्रमणों के कारण रोमन साम्राज्य का पतन हुआ, तो भारतीय व्यापारियों ने अपना ध्यान दक्षिण-पूर्व एशियाई व्यापार पर केंद्रित कर दिया।
Q15.गुप्त काल के दौरान उत्तर भारतीय व्यापार का संचालन निम्नलिखित में से किस बंदरगाह से होता था?
व्याख्या: गुप्त काल के दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन के साथ व्यापार के लिए बंगाल में ताम्रलिप्ति एक प्रमुख बंदरगाह था।
Q16.प्राचीन भारत की श्रेणियों (गिल्ड) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
व्याख्या: श्रेणियाँ मजदूरी और कीमतें तय करती थीं, और उनके पास अपने सदस्यों पर न्यायिक अधिकार भी थे।
Q17.गुप्त काल के दौरान गुजरात, बंगाल, दक्कन और तमिल देश में स्थित केंद्र निम्नलिखित में से किससे संबंधित थे?
व्याख्या: ये क्षेत्र वस्त्र निर्माण के लिए प्रसिद्ध थे, जो गुप्त काल का एक प्रमुख उद्योग था।
Q18.निम्नलिखित में से कौन प्राचीन भारत में चिकित्सा से संबंधित नहीं है?
व्याख्या: भास्कराचार्य एक महान खगोलशास्त्री और गणितज्ञ थे, चिकित्सक नहीं। धन्वंतरि, चरक और सुश्रुत चिकित्सा से जुड़े थे।
Q19.प्राचीन भारत की वैज्ञानिक प्रगति के संदर्भ में, 5वीं शताब्दी ईस्वी के बारे में कौन सा कथन सही है?
व्याख्या: 5वीं शताब्दी ईस्वी (गुप्त काल) में ज्या (sine), कोज्या (cosine) और व्युत्क्रम ज्या (inverse sine) की अवधारणा ज्ञात थी।
Q20.चंद्रगुप्त द्वितीय के नवरत्नों में से कौन फलित ज्योतिष से संबंधित था?
व्याख्या: चंद्रगुप्त द्वितीय के नवरत्नों में क्षपणक ज्योतिषी थे।
इस विषय का अभ्यास और फ्री MCQ अभ्यास परीक्षणों के साथ जारी रखें।