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post-gupta-period विषय पर 20 फ्री MCQ प्रश्नों का अभ्यास करें, ancient-history को कवर करते हुए। अंग्रेज़ी और हिंदी में विस्तृत व्याख्या के साथ, UPSC, SSC और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए उपयुक्त।
पहले ऊपर दी गई क्विज़ हल करें, फिर नीचे हर प्रश्न का सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या देखें।
Q1.कालिदास किसके शासनकाल में थे?
व्याख्या: कालिदास चंद्रगुप्त-द्वितीय के दरबार में नवरत्नों में से एक थे।
Q2.गुप्त सोने के सिक्कों को क्या कहा जाता था?
व्याख्या: गुप्त शासकों द्वारा जारी किए गए सोने के सिक्कों को 'दिनार' के नाम से जाना जाता था। फाहियान के अनुसार लोग इनका उपयोग दैनिक व्यापार में करते थे।
Q3.गुप्त शासकों द्वारा जारी किए गए चांदी के सिक्के क्या कहलाते थे?
व्याख्या: गुप्त शासकों द्वारा जारी किए गए चांदी के सिक्कों को 'रूपक' के नाम से जाना जाता था।
Q4.सिक्के जारी करने वाला पहला गुप्त शासक निम्नलिखित में से कौन था?
व्याख्या: चंद्रगुप्त-प्रथम पहला गुप्त शासक था जिसने सिक्के जारी किए। इससे पहले के शासकों द्वारा सिक्के जारी करने का कोई प्रमाण नहीं है।
Q5.गुप्त काल में लिखे गए संस्कृत नाटकों में स्त्रियाँ और शूद्र कौन सी भाषा बोलते हैं?
व्याख्या: गुप्त काल के संस्कृत नाटकों में, स्त्रियाँ और शूद्र 'प्राकृत' भाषा बोलते थे, जबकि उच्च वर्ग के पात्र संस्कृत बोलते थे।
Q6.निम्नलिखित में से कौन-सा गीता का मुख्य उपदेश है?
व्याख्या: निष्काम कर्म, या निस्वार्थ या इच्छा रहित कर्म, वह कर्म है जो बिना किसी फल या परिणाम की अपेक्षा के किया जाता है। यह मुक्ति के कर्म योग मार्ग का केंद्रीय सिद्धांत है और भगवद गीता का केंद्रीय संदेश है।
Q7.सती प्रथा का प्रथम अभिलेखीय साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुआ है?
व्याख्या: भारत में 'सती प्रथा' का पहला प्रमाण एरण अभिलेख में मिलता है। यह अभिलेख 510 ईस्वी का है जिसमें 'गोपराज' नामक सेनापति की पत्नी के लिए सती प्रथा के पालन का उल्लेख किया गया है।
Q8.गुप्त संवत की स्थापना किसने की थी?
व्याख्या: गुप्त संवत की शुरुआत चंद्रगुप्त-प्रथम द्वारा 319-20 ईस्वी के दौरान की गई थी।
Q9.सूची-I (सम्राट) को सूची-II (उपाधियाँ) के साथ सुमेलित करें और सही उत्तर चुनें: सूची-I: A. अशोक, B. समुद्रगुप्त, C. चंद्रगुप्त-द्वितीय, D. स्कंदगुप्त सूची-II: 1. पराक्रमांक, 2. प्रियदर्शी, 3. क्रमादित्य, 4. विक्रमादित्य
व्याख्या: सही सुमेलन इस प्रकार है: अशोक - प्रियदर्शी; समुद्रगुप्त - पराक्रमांक; चंद्रगुप्त-द्वितीय - विक्रमादित्य; स्कंदगुप्त - क्रमादित्य।
Q10.सूची-I (राजा) को सूची-II (रानियों) के साथ सुमेलित करें और सही उत्तर चुनें: सूची-I: A. चंद्रगुप्त प्रथम, B. समुद्रगुप्त, C. चंद्रगुप्त द्वितीय, D. कुमारगुप्त प्रथम सूची-II: 1. दत्तदेवी, 2. कुबेरनागा, 3. कुमारदेवी, 4. अनंतदेवी
व्याख्या: सही सुमेलित जोड़े हैं: चंद्रगुप्त प्रथम - कुमारदेवी; समुद्रगुप्त - दत्तदेवी; चंद्रगुप्त द्वितीय - कुबेरनागा; कुमारगुप्त प्रथम - अनंतदेवी।
Q11.किस युग में, महिलाओं को पुरुषों के साथ समानता प्राप्त थी?
व्याख्या: वैदिक काल को छोड़कर, प्राचीन भारत में महिलाओं की स्थिति आम तौर पर हीन थी। गुप्त, मौर्य और चोल के युग में, महिलाओं की हीन स्थिति के प्रमाण मिले हैं।
Q12.गुप्त काल में भू-राजस्व की दर क्या थी?
व्याख्या: गुप्त काल में शासक की आधिकारिक भूमि पर खेती करने वाले व्यक्ति को कर के रूप में फसल-उत्पादों का एक हिस्सा देना पड़ता था जो उत्पादन का छठा हिस्सा (1/6) होता था। गुप्त अभिलेखों में भू-राजस्व को 'उद्रंग' और 'भाग' के रूप में जाना जाता है।
Q13.धार्मिक पुस्तकों में भू-राजस्व की दर क्या है?
व्याख्या: प्राचीन भारत के प्रत्येक धार्मिक ग्रंथ में, भू-राजस्व दर को उपज का 1/6 वां भाग बताया गया है।
Q14.हिंदू कानून के अनुसार मान्य कर क्या है?
व्याख्या: हिंदू कानून/धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, मान्य कर दर उपज का छठा हिस्सा थी।
Q15.गुप्त साम्राज्य ने निम्नलिखित में से किसे कर-मुक्त कृषि भूमि प्रदान की?
व्याख्या: गुप्त साम्राज्य ने धार्मिक पदाधिकारियों, विशेष रूप से ब्राह्मणों को कर-मुक्त कृषि भूमि प्रदान की। गुप्त वंश के शासकों ने मंदिरों और ब्राह्मणों को अधिकतम संख्या में गाँव दान किए।
Q16.गुप्त काल के दौरान भारत में बलात श्रम (विष्टि) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
व्याख्या: विष्टि एक प्रकार का बलात श्रम था जिसे राज्य या स्थानीय प्रमुख द्वारा लागू किया जाता था। इसे राज्य के लिए आय का एक स्रोत और लोगों द्वारा भुगतान किया जाने वाला एक प्रकार का कर माना जाता था। यह मजदूरी वाला श्रम नहीं था।
Q17.'अप्रहत' किस प्रकार की भूमि को कहा जाता था?
व्याख्या: बिना जोती गई जंगली भूमि को 'अप्रहत' कहा जाता था। यह गुप्त काल में राजस्व प्रणाली का एक शब्द था।
Q18.भारत के इतिहास के संदर्भ में, 'कुल्यावाप' और 'द्रोणवाप' शब्द क्या दर्शाते हैं?
व्याख्या: 'कुल्यावाप' और 'द्रोणवाप' गुप्त काल के दौरान उपयोग की जाने वाली भूमि माप की विभिन्न इकाइयाँ थीं।
Q19.प्राचीन भारत में सिंचाई कर को क्या कहा जाता था?
व्याख्या: प्राचीन भारत में सिंचाई कर को 'बिदकभागम्' या 'उदकभाग' के नाम से जाना जाता था। 'हिरण्य' नकद कर था, 'उद्रंग' भूमि कर था, और 'उपरनिक' भूमि पर रहने वाले किसानों पर लगने वाला कर था।
Q20.तीसरी शताब्दी ईस्वी में, वारंगल किसके लिए प्रसिद्ध था?
व्याख्या: वारंगल लोहे के उपकरणों के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध था। वहां 'अगरिया' लोग रहते थे और लोहा बनाना उनका पारंपरिक पेशा था।
इस विषय का अभ्यास और फ्री MCQ अभ्यास परीक्षणों के साथ जारी रखें।