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ecology-basics विषय पर 20 फ्री MCQ प्रश्नों का अभ्यास करें, environment-and-ecology को कवर करते हुए। अंग्रेज़ी और हिंदी में विस्तृत व्याख्या के साथ, UPSC, SSC और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए उपयुक्त।
पहले ऊपर दी गई क्विज़ हल करें, फिर नीचे हर प्रश्न का सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या देखें।
Q1.कुल आपतित सौर विकिरण में से कितने प्रतिशत प्रकाश संश्लेषक रूप से सक्रिय विकिरण (PAR) होता है?
व्याख्या: एनसीईआरटी कक्षा 12 जीव विज्ञान अध्याय 14 के अनुसार: 'आपतित सौर विकिरण का 50 प्रतिशत से भी कम हिस्सा प्रकाश संश्लेषक रूप से सक्रिय विकिरण (PAR) होता है।'
Q2.प्रकाश संश्लेषक रूप से सक्रिय विकिरण (PAR) का कितना प्रतिशत पौधों द्वारा प्रकाश संश्लेषण के लिए वास्तव में ग्रहण किया जाता है?
व्याख्या: एनसीईआरटी कक्षा 12 जीव विज्ञान में कहा गया है कि पौधे PAR का केवल 2-10 प्रतिशत ही ग्रहण करते हैं। ऊर्जा की यह छोटी मात्रा पूरे जीव जगत को जीवित रखती है।
Q3.एक पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा होता है:
व्याख्या: एनसीईआरटी अध्याय 14 इस बात पर जोर देता है कि ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय होता है: सूर्य से उत्पादकों की ओर, और फिर उपभोक्ताओं की ओर। स्वपोषियों द्वारा ग्रहण की गई ऊर्जा वापस सौर ऊर्जा में नहीं बदलती, और शाकाहारियों को दी गई ऊर्जा वापस स्वपोषियों में नहीं जाती।
Q4.ऊष्मागतिकी का कौन सा नियम बताता है कि पारिस्थितिकी तंत्र को एंट्रॉपी का मुकाबला करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऊर्जा के निरंतर निवेश की आवश्यकता होती है?
व्याख्या: एनसीईआरटी कक्षा 12 जीव विज्ञान स्पष्ट करता है कि पारिस्थितिकी तंत्र ऊष्मागतिकी के दूसरे नियम से मुक्त नहीं हैं। उन्हें अणुओं के संश्लेषण और अव्यवस्था (एंट्रॉपी) की ओर बढ़ने की सार्वभौमिक प्रवृत्ति का मुकाबला करने के लिए ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति की आवश्यकता होती है।
Q5.निम्नलिखित में से कौन पोषण स्तरों में ऊर्जा हस्तांतरण के सही क्रम का प्रतिनिधित्व करता है?
व्याख्या: ऊर्जा उत्पादकों (पहले पोषण स्तर) से प्राथमिक उपभोक्ताओं/शाकाहारियों (दूसरे पोषण स्तर), फिर द्वितीयक उपभोक्ताओं/प्राथमिक मांसाहारियों (तीसरे पोषण स्तर), और अंत में तृतीयक उपभोक्ताओं/द्वितीयक मांसाहारियों (चौथे पोषण स्तर) की ओर बहती है।
Q6.जलीय पारिस्थितिकी तंत्रों में, ऊर्जा प्रवाह का मुख्य माध्यम है:
व्याख्या: एनसीईआरटी कक्षा 12 जीव विज्ञान में कहा गया है: 'जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में, चारण खाद्य श्रृंखला (GFC) ऊर्जा प्रवाह का मुख्य माध्यम है।' इसके विपरीत, स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा अपरद खाद्य श्रृंखला के माध्यम से बहता है।
Q7.अपरद खाद्य श्रृंखला (DFC) किससे शुरू होती है?
व्याख्या: एनसीईआरटी अध्याय 14 के अनुसार, 'अपरद खाद्य श्रृंखला (DFC) मृत कार्बनिक पदार्थों से शुरू होती है। यह अपघटकों से बनी होती है जो विषमपोषी जीव हैं, मुख्य रूप से कवक और जीवाणु।'
Q8.चारण खाद्य श्रृंखला में प्राथमिक मांसाहारी किस पोषण स्तर पर होते हैं?
व्याख्या: उत्पादक T1 हैं। शाकाहारी (प्राथमिक उपभोक्ता) T2 हैं। शाकाहारियों को खाने वाले मांसाहारी (प्राथमिक मांसाहारी / द्वितीयक उपभोक्ता) एनसीईआरटी की परिभाषाओं के अनुसार तीसरे पोषण स्तर (T3) पर होते हैं।
Q9.यदि किसी पारिस्थितिकी तंत्र में उत्पादक स्तर पर 20,000 J ऊर्जा उपलब्ध है, तो तृतीयक उपभोक्ता स्तर पर कितनी ऊर्जा स्थानांतरित होगी?
व्याख्या: लिंडमैन के 10% नियम के आधार पर: उत्पादक (20,000 J) -> प्राथमिक उपभोक्ता (2,000 J) -> द्वितीयक उपभोक्ता (200 J) -> तृतीयक उपभोक्ता (20 J)।
Q10.अपघटक अपनी ऊर्जा और पोषक तत्वों की आवश्यकताओं को किसके विघटन द्वारा पूरा करते हैं?
व्याख्या: एनसीईआरटी कक्षा 12 जीव विज्ञान में कहा गया है कि अपघटक (मृतोपजीवी) मृत कार्बनिक पदार्थों या अपरद के विघटन द्वारा अपनी ऊर्जा और पोषक तत्वों की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। वे इसे तोड़ने के लिए अपने शरीर के बाहर पाचक एंजाइमों का स्राव करते हैं।
Q11.निम्नलिखित में से कौन चारण खाद्य श्रृंखला (GFC) और अपरद खाद्य श्रृंखला (DFC) के बीच संबंध का प्रतिनिधित्व करता है?
व्याख्या: एनसीईआरटी नोट करता है कि दोनों खाद्य श्रृंखलाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। उदाहरण के लिए, एक केंचुआ (अपरद खाद्य श्रृंखला में एक अपघटक) गौरैया या कौवे (चारण खाद्य श्रृंखला के सदस्य) द्वारा खाया जाता है। यह एक खाद्य जाल बनाता है।
Q12.अपरद (डेट्रिटस) को खाने वाले और उसे छोटे कणों में तोड़ने वाले जीवों को क्या कहा जाता है?
व्याख्या: एनसीईआरटी अध्याय 14 के अनुसार, अपरदाहारी (जैसे केंचुआ) अपरद को छोटे कणों में तोड़ते हैं। इस प्रक्रिया को विखंडन (फ्रैगमेंटेशन) कहा जाता है।
Q13.प्रत्येक क्रमिक पोषण स्तर पर उपयोगी ऊर्जा की मात्रा क्यों घटती जाती है?
व्याख्या: एनसीईआरटी कक्षा 12 जीव विज्ञान में कहा गया है कि प्रत्येक पोषण स्तर पर ऊर्जा घटती है क्योंकि ऊष्मागतिकी के दूसरे नियम के अनुसार, प्रत्येक स्तर पर श्वसन और अन्य चयापचय प्रक्रियाओं के दौरान एक महत्वपूर्ण हिस्सा गर्मी के रूप में खो जाता है।
Q14.स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में, स्वपोषियों द्वारा उत्पादित ऊर्जा के बड़े हिस्से का भाग्य क्या होता है?
व्याख्या: स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में, शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही शाकाहारियों द्वारा सीधे खाया जाता है। ऊर्जा का एक बहुत बड़ा हिस्सा मृत कार्बनिक पदार्थ मार्ग (अपरद खाद्य श्रृंखला) के माध्यम से बहता है।
Q15.जीवों का निम्नलिखित में से कौन सा समूह स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में प्राथमिक अपघटक के रूप में कार्य करता है?
व्याख्या: एनसीईआरटी कक्षा 12 जीव विज्ञान के अनुसार, मुख्य अपघटक विषमपोषी सूक्ष्मजीव होते हैं, मुख्य रूप से कवक और जीवाणु, जो कार्बनिक कचरे को तोड़ने के लिए एंजाइमों का स्राव करते हैं।
Q16.अपरद खाद्य श्रृंखला (DFC) में ऊर्जा कैसे प्रवेश करती है?
व्याख्या: ऊर्जा DFC में कार्बनिक अपशिष्ट, उत्सर्जक पदार्थों और पौधों व जानवरों के मृत शरीरों (अपरद) के माध्यम से प्रवेश करती है, जिसमें मूल रूप से प्रकाश संश्लेषण से प्राप्त रासायनिक ऊर्जा संचित होती है।
Q17.एक खाद्य जाल एक खाद्य श्रृंखला से भिन्न होता है क्योंकि खाद्य जाल में:
व्याख्या: एनसीईआरटी कक्षा 12 जीव विज्ञान स्पष्ट करता है कि प्रकृति में, सरल रैखिक खाद्य श्रृंखलाएं शायद ही कभी मौजूद होती हैं। जीव कई भोजन प्राथमिकताओं के माध्यम से आपस में जुड़े होते हैं, जिससे खाद्य श्रृंखलाओं का एक नेटवर्क बनता है जिसे खाद्य जाल कहा जाता है।
Q18.निम्नलिखित में से कौन सा कथन पारिस्थितिकी तंत्र के संदर्भ में ऊष्मागतिकी के पहले नियम से मेल खाता है?
व्याख्या: ऊष्मागतिकी का पहला नियम बताता है कि ऊर्जा को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, केवल बदला जा सकता है। एक पारिस्थितिकी तंत्र में, उत्पादक सौर विकिरण ऊर्जा को कार्बनिक पदार्थों में संग्रहीत रासायनिक ऊर्जा में बदलते हैं।
Q19.निम्नलिखित में से कौन सा पैरामीटर सभी प्रकार के पारिस्थितिकी तंत्रों में आधार से शीर्ष की ओर घटता है?
व्याख्या: जबकि संख्या और बायोमास में कभी-कभी उल्टे पिरामिड हो सकते हैं (जैसे कि महासागरों या एक-पेड़ के पारिस्थितिकी तंत्र में), ऊर्जा का पिरामिड (ऊर्जा प्रवाह दर) सभी पारिस्थितिकी तंत्रों में सख्त रूप से सीधा होता है। जैसे-जैसे आप ऊपर बढ़ते हैं, ऊर्जा हमेशा घटती है।
Q20.एक पोषण स्तर द्वारा अगले पोषण स्तर को हस्तांतरित की जाने वाली ऊर्जा के प्रतिशत को क्या कहा जाता है?
व्याख्या: पारिस्थितिक दक्षता एक पोषण स्तर से अगले स्तर पर स्थानांतरित होने वाली ऊर्जा का प्रतिशत है। अधिकांश पारिस्थितिकी तंत्रों में, यह लगभग 10% होता है (10% का नियम)।
इस विषय का अभ्यास और फ्री MCQ अभ्यास परीक्षणों के साथ जारी रखें।